॥ दोहा ॥
दीनदयाल कृपानिधि, खाटू के सिरमौर।
पूजा सखी के संकट हरहु, नाहीं दूजा ठौर॥
॥ चौपाई ॥
दया कर दया कर, हे खाटू के राजा।
मेरी भी बिगड़ी, बना दे ओ बाबा॥
दया कर दया कर॥
संसार में भटकी बहुत हूँ कन्हैया।
अब तो तू थाम ले मेरी ये बइयां॥
डगमग डोले ये जीवन की नैया।
पार लगा दे हे मुरली बजैया॥
दया कर दया कर॥
हारे हुए का तू सच्चा सहारा।
तेरा ही नाम है सब जग से प्यारा॥
अपनी कृपा का अमृत बरसा जा।
दया कर दया कर, हे खाटू के राजा॥
पूजा सखी कहे सुन लीजो दातार।
तेरी ही चौखट पे आई बारंबार॥
मुझ दीनहीन को चरणों से लगा जा।
दया कर दया कर, हे खाटू के राजा॥
॥ दोहा ॥
खाटू वाले श्याम प्रभु, राखहु भक्तन मान।
पूजा सखी वंदन करे, जय जय कृपा निधान॥