दया कर दया कर हे खाटू के राजा

पूजा सखी
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॥ दोहा ॥

दीनदयाल कृपानिधि, खाटू के सिरमौर।
पूजा सखी के संकट हरहु, नाहीं दूजा ठौर॥

॥ चौपाई ॥

दया कर दया कर, हे खाटू के राजा।
मेरी भी बिगड़ी, बना दे ओ बाबा॥
दया कर दया कर॥

संसार में भटकी बहुत हूँ कन्हैया।
अब तो तू थाम ले मेरी ये बइयां॥
डगमग डोले ये जीवन की नैया।
पार लगा दे हे मुरली बजैया॥
दया कर दया कर॥

हारे हुए का तू सच्चा सहारा।
तेरा ही नाम है सब जग से प्यारा॥
अपनी कृपा का अमृत बरसा जा।
दया कर दया कर, हे खाटू के राजा॥

पूजा सखी कहे सुन लीजो दातार।
तेरी ही चौखट पे आई बारंबार॥
मुझ दीनहीन को चरणों से लगा जा।
दया कर दया कर, हे खाटू के राजा॥

॥ दोहा ॥

खाटू वाले श्याम प्रभु, राखहु भक्तन मान।
पूजा सखी वंदन करे, जय जय कृपा निधान॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

खाटू श्याम बाबा के दरबार में अपनी बिगड़ी तकदीर बनाने और कृपा प्राप्त करने की विनम्र याचना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।