दया कर दान विद्या का: प्रार्थना

पारंपरिक
माता सरस्वती भजन Bhajan Arya Samaj Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भारतीय संस्कृति के अनुसार नित्य प्रातः शिक्षा ग्रहण करने से पहिले माँ सरस्वती या प्रभु की आराधना करने का विधान है। देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह की सभा में गाई जाने वाली हिंदी प्रार्थना..

दया कर दान विद्या का,

हमें परमात्मा देना,

दया करना हमारी आत्मा में,

शुद्धता देना ।

हमारे ध्यान में आओ,

प्रभु आँखों में बस जाओ,

अँधेरे दिल में आकर के,

प्रभु ज्योति जगा देना ।

बहा दो प्रेम* की गंगा,

दिलों में प्रेम का सागर,

हमें आपस में मिल-जुल के,

प्रभु रहना सीखा देना ।

हमारा धर्म हो सेवा,

हमारा कर्म हो सेवा,

सदा ईमान हो सेवा,

व सेवक जन बना देना ।

वतन के वास्ते जीना,

वतन के वास्ते मरना,

वतन पर जाँ फिदा करना,

प्रभु हमको सीखा देना ।

दया कर दान विद्या का,

हमें परमात्मा देना,

दया करना हमारी आत्मा में,

शुद्धता देना ।

*प्रेम: कुछ लोग "प्रेम" की जगह "ज्ञान" शब्द को प्रयोग में लाते हैं.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।