दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया

पारंपरिक संत भजन
श्री राम भजन भजन राम
॥ दोहा ॥

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया॥

॥ चौपाई ॥

दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया॥

किसके सिर पर मुकुट सजाया, किसको दिया वनवास।
जिसके मन में राम बसे हैं, वही प्रभु का दास॥
दाता एक राम...

महल अटारी यहीं रहेंगी, छूटेगा सब राज।
प्रभु के आगे काम न आएगा, धन और तख़्त-ओ-ताज॥
दाता एक राम...

मांगना है तो राम से मांगो, जो जग का आधार।
जिसकी कृपा से पल भर में, हो जाए भव पार॥
दाता एक राम...

॥ दोहा ॥

राम नाम के जाप से, कटें सकल भव फंद।
सच्चा दाता राम है, परमानंद कंद॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

यह भजन याद दिलाता है कि इस संसार में एकमात्र सच्चा दाता भगवान श्री राम हैं और बाकी सब उन्हीं के द्वार के याचक हैं।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।