दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Sidhi Vinayak Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दास तेरे है गजानन,

ध्यान धरते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है ॥

चार तेरी है भुजाये,

रूप मत वाला,

शिव सुवन गोरी के लाला,

भक्त रख वाला,

तेरी शक्ति का भी शिव,

मान करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है ॥

रिद्धि सिद्धि लाभ और शुभ,

साथ में लाना,

दास का अनुरोध दाता,

भूल मत जाना,

तेरी महिमा का सदा,

गुण गाण करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है ॥

मेरे अंगना में पधारो,

है अरज मेरी,

गोरी नंदन जल्दी आओं,

ना करो देरी,

पुष्प चन्दन से तेरा,

सम्मान करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है ॥

बुद्धि के दाता हमें भी,

ज्ञान दे जाओ,

अपनी भक्ति का हमें,

वरदान दे जाओ,

नित तेरे नाम का,

रस पान करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है ॥

‘श्याम सुंदर’ दास तेरा,

इसको अपनाना,

हे गजानन ‘लख्खा’ भी,

तेरा है दीवाना,

कर दो बैडा पार,

क्यों हैरान करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है ॥

दास तेरे है गजानन,

ध्यान धरते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

प्रणाम करते है,

तेरे चरणों में प्रभु,

॥ दोहा ॥

प्रणाम करते है ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है | Bhajan: Das Tere Hai Gajanan Dhyan Dharte Hai Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।