दर्शन को तेरे आया

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दर्शन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥

तुम ही मेरे हो लंबोदर,

आस ना कोई दूजा,

अपनी किरपा रखना स्वामी,

मन से की है पूजा,

मंदिर में तेरे आके देवा,

लडुवन भोग लगाके,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥

ना कोई बंधन जगत का कोई,

पहरा ना लग पाए,

सब बाधाएं दूर है होती,

शरण जो तेरी आये,

गजमुख देव छवि ये तेरी,

मन में इसे बिठाके,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥

तेरा ही मुख देख गणेशा,

रात को मैं सो जाऊं,

भोर भये जब आंख खुले तो,

तेरे दर्शन पाऊं,

शिव के पुत्र दुलारे तुम हो,

भक्तो के भी प्यारे,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥

दर्शन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

॥ दोहा ॥

सेवा करेंगे तेरी ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: दर्शन को तेरे आया | Bhajan: Darshan Ko Tere Aaya Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।