दर्शन दिया, मुझे दर्शंन दिया

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोले शंकर भोले,

तुझे पूजे दुनिया सारी रे,

तीनो लोक में भोले,

तेरी महिमा न्यारी रे,

भोले शंकर भोले,

तुझे पूजे दुनिया सारी रे,

दर्शन दिया,

मुझे दर्शंन दिया,

शिव शंकर मुझसे आन मिले,

पल भर में मेरे भाग्य खुले,

तीनो लोक के नाथ ने दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया ॥

भोली भाली सूरत वाले,

वो तेज भरी मूरत वाले,

एक हाथ में उनके डमरू था,

हाँ उनकी छवि में जादू था,

देख लिया मैने देख लिया,

दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया,

शिव शंकर मुझसे आन मिले,

पल भर में मेरे भाग्य खुले,

तीनो लोक के नाथ ने दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया ॥

विष को अमृत करने वाले,

वो रूप नये भरने वाले,

थी साथ में उनके पार्वती,

आराध्य मेरे मन की देवी,

देखा किया मैं तो देखा किया,

दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया,

शिव शंकर मुझसे आन मिले,

पल भर में मेरे भाग्य खुले,

तीनो लोक के नाथ ने दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया ॥

पहले तो सर पे हाथ रखा,

फिर मुझको आशीर्वाद दिया,

गिर गया मैं उनके चरणों में,

शिवजी ने उठाया बाहों में,

भाग्य जगा मेरा भाग्य जगा,

दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया,

शिव शंकर मुझसे आन मिले,

पल भर में मेरे भाग्य खुले,

तीनो लोक के नाथ ने दर्शंन दिया,

मुझे दर्शंन दिया ॥

भोले शंकर भोले,

तुझे पूजे दुनिया सारी रे,

तीनो लोक में भोले,

तेरी महिमा न्यारी रे,

भोले शंकर भोले,

तुझे पूजे दुनिया सारी रे,

दर्शन दिया,

मुझे दर्शंन दिया,

शिव शंकर मुझसे आन मिले,

पल भर में मेरे भाग्य खुले,

तीनो लोक के नाथ ने दर्शंन दिया,

॥ दोहा ॥

मुझे दर्शंन दिया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।