दरश एक बार दिखाना रे, शिव शंकर डमरू वाले

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दरस एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

इतना बताओ शम्भू मेरे,

तुमने कहाँ कहाँ डाले डेरे,

मुझे वो द्वार बताना रे,

शिव शंकर डमरू वाले,

दरश एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

भोले कितने धाम तुम्हारे,

तुमको ढूंढ ढूंढ के हारे,

तेरा दरबार मिला ना रे,

शिव शंकर डमरू वाले,

दरश एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

विनती सुनो महाकालेश्वर,

दर्शन दे दो ओम्कारेश्वर,

तेरी मैं हुई दीवानी रे,

शिव शंकर डमरू वाले,

दरश एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

कर दो किरपा काशीनाथ,

चित भूमि के बैदनाथ,

सोया भाग जगाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले,

दरश एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

मुझको बता दो श्री गणेश,

मिलेंगे कहाँ पे शिव नागेश,

मुझे उनसे मिलवाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले,

दरश एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

बारह शिवलिंगो के रूप,

मुझको दिखा दो सभी स्वरुप,

मुझे तेरा ही सहारा रे,

शिव शंकर डमरू वाले,

दरश एक बार दिखाना रे,

शिव शंकर डमरू वाले ॥

दरस एक बार दिखाना रे,

॥ दोहा ॥

शिव शंकर डमरू वाले ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।