डंके की चोट पे गाओ, सांवरिया सरकार।
जिसके सिर पर मोरछड़ी, वो जग का सरदार॥
डंके की चोट पे कह दो, खाटू वाला मेरा है।
मेरी नैया का माझी, सांवरिया सवेरा है॥
डंके की चोट पे कह दो॥
ना डरना जमाने से, ना किसी से घबराना।
जब साथ है लखदाता, तो क्या है पछताना॥
सारे जग में गूँज उठा, बाबा का जो फेरा है।
डंके की चोट पे कह दो, खाटू वाला मेरा है॥
जिसने पकड़ी चौखट, उसका भाग्य संवर गया।
खाली दामन था जिसका, खुशियों से भर गया॥
अमृत बरसता है खाटू में, मिटता अंधेरा है।
डंके की चोट पे कह दो, खाटू वाला मेरा है॥
कन्हैया मित्तल कहे गर्व से, सुन लो दीवानों।
श्याम नाम ही सच्चा, इस बात को पहचानो॥
डंके की चोट पे कह दो, खाटू वाला मेरा है, मेरी नैया का माझी, सांवरिया सवेरा है॥
सांवरिया के दर पे जो, शीश नवाए दास।
कन्हैया मित्तल की प्रभु, पूरण कीजे आस॥