दादी रतनमोहिनी

पारंपरिक
माता लक्ष्मी संत साहित्य Bhakt Dadi Ratanmohini Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | दादी रतनमोहिनी

वास्तविक नाम- लक्ष्मी

अन्य नाम - दादी रतनमोहिनी दीदी, राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी

गुरु - दादा लेखराज

जन्म- 25 मार्च, 1925

जन्म स्थान - हैदराबाद सिंध, पाकिस्तान

वैवाहिक स्थिति - अविवाहित

मृत्यु तिथि - 8 अप्रैल, 2025, अहमदाबाद (100 वर्ष)

भाषा - हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत

प्रसिद्ध - ब्रह्माकुमारीज़ की दूसरी प्रमुख

अधक्ष्य: 2021 से ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका

दादी रतनमोहिनी एक प्रेरणादायी शख्सियत थीं। ब्रह्माकुमारी विश्व आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में उनका नेतृत्व और आध्यात्मिक सेवा, ध्यान और शांति को बढ़ावा देने के प्रति उनका समर्पण सराहनीय है। दादी रतनमोहिनी 2021 से दादी जानकी के बाद ब्रह्माकुमारी विश्व आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की प्रशासनिक प्रमुख थीं , जो माउंट आबू, राजस्थान मैं है।

दादी बचपन से ही ब्रह्माकुमारी से जुड़ी हुई हैं। राज योग ध्यान, आत्म-परिवर्तन और आंतरिक शांति पर उनका ध्यान कई आध्यात्मिक प्रथाओं के सार के साथ मेल खाता है, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत विकास के माध्यम से व्यक्ति की चेतना को ऊपर उठाना और समाज को बेहतर बनाना है।

दादी रतनमोहिनी को उनकी सादगी, ज्ञान और करुणा के लिए सम्मानित किया जाता है। वह व्यापक रूप से यात्रा करती हैं, अपनी अंतर्दृष्टि साझा करती हैं और लोगों को मूल्य-आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं। उनकी शिक्षाएँ आत्म-परिवर्तन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच की शक्ति पर केंद्रित हैं। वह व्यक्तियों को अपनी अंतर्निहित दिव्यता को पहचानने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

दादी रतन मोहिनी का 25 मार्च को अपना 100वां जन्मदिन मनाने के कुछ ही दिनों बाद 8 अप्रैल 2025 को अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनका निधन मानवता के आध्यात्मिक उत्थान में एक लंबी और समर्पित यात्रा का अंत है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

दादी रतनमोहिनी | Dadi Ratanmohini

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।