डाल रही वरमाला अब तो जानकी

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

डाल रही वरमाला अब तो जानकी,

धनुष तोड़ा शिव जी का,

श्री राम जी ने,

जनक नंदनी मन में हर्षा गई है,

विधाता मेरी पूर्ण की कामनाएं,

ख़ुशी की सुहानी घड़ी आ गई है ॥

डाल रही वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही,

कृपा हो गई आज श्री भगवान की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥

अब जनक की पूर्ण अभिलाषा हुई सारी,

मिट गया संताप जबसे दिल में था भारी,

डाल वरमाला सिया ने राम पाए है,

आज सखियों ने भी मंगल गीत गाए है,

महीमा अपरंपार इनके नाम की,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥

वेद मंत्रो की ध्वनि अब गूँजने लगी,

इस खुशी में देवीयां सब झुमने लगी,

आज शुभ दिन हम सभी के जीवन में आया,

सियाराम के नाम से हर दिल है मुस्काया,

‘हेमा’ रामायण है स्वाभिमान की,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

जय बोलो जय बोलो सीताराम की,

फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही,

कृपा हो गई आज श्री भगवान की,

डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,

॥ दोहा ॥

जय बोलो जय बोलो सीताराम की ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।