छोटी सी मेरी पार्वती, शंकर की पूजा करती थी

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Maa Parvati Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

छोटी सी मेरी पार्वती,

शंकर की पूजा करती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥

नित गंगा जमुना जाती थी,

जल भर भर कर वो लाती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥

नित बाग़ बगीचा जाती थी,

वो भांग धतूरा लाती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥

छोटी सी मेरी पार्वती,

शंकर की पूजा करती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

॥ दोहा ॥

शंकर की पूजा करती थी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।