चित्रकूट के घाट-घाट पर, शबरी देखे बाट

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चित्रकूट के घाट घाट पर,

शबरी देखे बाट,

राम मेरे आ जाओ,

राम मेरे आ जाओ,

चित्रकुट के घाट घाट पर,

शबरी देखे बाट,

राम मेरे आ जाओ ॥

अपने राम जी को,

कहाँ मैं बिठाऊँ,

कहाँ मैं बिठाऊँ,

टुटी फूटी खाट खाट प,

बिछया पुराना टाट,

राम मेरे आ जाओ,

॥ चित्रकुट के घाट घाट..॥

अपने राम जी को,

क्या मैं खिलाऊँ,

क्या मैं खिलाऊँ,

छोटे छोटे पेड़ पेड़ प,

लगे सुनहरी बेर,

राम मेरे आ जाओ,

॥ चित्रकुट के घाट घाट..॥

अपने राम को,

कया मैं पिलाऊं,

कया मैं पिलाऊं,

कपला गाढा दुध,

दुध में पड़ी मलाई खुब,

राम मेरे आ जाओ,

॥ चित्रकुट के घाट घाट...॥

अपने राम जी को,

कहां मैं झुलाऊँ,

कहां मैं झुलाऊँ,

छोटी डाली आम आम प,

झूले सीता राम,

राम मेरे आ जाओ,

॥ चित्रकुट के घाट घाट..॥

अपने राम जी को,

कैसे मैं रिझाऊँ,

कैसे मैं रिझाऊँ,

दीन हीन मोहे जान,

ना ही कोई भक्ति ज्ञान,

राम मेरे आ जाओ,

॥ चित्रकुट के घाट घाट...॥

चित्रकूट के घाट घाट पर,

शबरी देखे बाट,

राम मेरे आ जाओ,

राम मेरे आ जाओ,

चित्रकुट के घाट घाट पर,

शबरी देखे बाट,

॥ दोहा ॥

राम मेरे आ जाओ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।