स्वामी चिन्मयानंद बापू

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Swami Chinmayanand Bapu Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमालः स्वामी चिन्मयानंद बापू

गुरु - महामंडलेश्वर स्वामी राम कुमार दास

आराध्य - श्री कृष्णा

जन्म - 4 दिसम्बर 1980

जन्म स्थान - गैपुरा गांव जिला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

पिता - हरी शंकर पांडेय

माता - श्रीमती रेखा पांडेय

पत्नी - प्रियंका पांडेय

भाषा - हिंदी, अंग्रेजी

सुप्रसिद्ध - आध्यात्मिक संत, धर्म वक्ता

संगठन - विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट

स्वामी चिन्मयानंद बापू एक प्रमुख कथा वाचक और अद्भुत स्वर गामी है। वह बचपन से ही महाभारत, श्रीमद् भागवत और राम चरित्र मानस के रूप में उनके पास प्राचीन ग्रंथो, महाकाव्य और दर्शन के उत्कृष्ट ज्ञान की गहरी समझ है।

स्वामी चिन्मयानंद बापू विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट संगठन की स्थापना की है, इस ट्रस्ट के द्वारा लगभग 5000 बच्चो को स्कूल से जोड़ा जा चूका है। और लगभग 700 गरीब कन्याओ का विवाह पूज्य बापू जी की प्रेरणा से ट्रस्ट के द्वारा सम्पन्न किया जा चूका है। इसके अलावा भी ट्रस्ट के द्वारा अनेको परमार्थिक सेवाएं समय समय पर की जाती है। जैसे की अन्न वितरण , प्राकर्तिक आपदाओं में सहयोग, महाकुम्भ में अन्नक्षेत्र , संत , भक्त और अतिथियों की सेवा और पर्यावरण की शुद्धि के लिए जागरूकता अभियान, नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान इस तरह सेवाएं की जा रही है।

हरिद्वार में माँ गंगा के तट पर पूज्य बापू जी के द्वारा एक गौशाला का निर्माण भी कराया गया। जिसमे की बहु संख्या में गाय माता की सेवा किया जाता है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

स्वामी चिन्मयानंद बापू | Swami Chinmayanand Bapu

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।