॥ दोहा ॥
गौ माता के संग में, राजत नन्दकिशोर।
मृदुल कृष्ण हिय में बसे, माखन चोर चितचोर॥
॥ चौपाई ॥
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल।
छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल॥
आगे आगे गैया, पीछे पीछे ग्वाल।
बीच में मेरो मदन गोपाल॥
कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल।
श्याम बरन मेरो मदन गोपाल॥
घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल।
माखन खावे मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी लकुटी, छोटे छोटे हाथ।
बंशी बजावे मेरो मदन गोपाल॥
मृदुल कृष्ण गावे, बाल रूप विशाल।
ब्रज का भूषण मेरो मदन गोपाल॥
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल।
छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥
॥ दोहा ॥
नंद भवन के आंगन में, खेलत कान्हा लाल।
मृदुल कृष्ण वंदन करे, जय जय बाल गोपाल॥