छठ पूजा: छठी मैया सुन ली ना विनती

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Chhath Puja Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कोई दुख जग में

है ही नहीं

जो तेरी कृपा से

मिट न जाए

ऐसा वरदान

है ही नहीं

जो छठी मैया से माँगे और

मिल न जाए

सारे जहाँ में तेरी है जय जय

तेरी है महिमा देती सुनाई

तेरे बिना न कोई मेरा

अब जाऊँ कहाँ मैं माई

तू बस तू है सहारा

है सब कुछ मेरा

हाथ में तेरे है

सारा सुख-दुख मेरा

छठी मैया

छठी मैया सुन ली ना विनती

सुन ली विनती हमार

सुन ली विनती हमार

छठी मैया कर दी ना कृपा

कर दी कृपा अपार

कर दी कृपा अपार

तुम ही करता तुम ही भरता

तुम ही प्राणों के दाता

हे दीनानाथ मेरे

तुम ही भाग्य विधाता

तुम से मेरा जीना-मरना

तुम ही प्राणों के दाता

हे दीनानाथ मेरे

तुम ही भाग्य विधाता

छठी मैया मेरी माँ

सुन ली विनती हमार

कर दी आशीष अपार

सुन ली विनती हमार

कर दी आशीष अपार

सुन ली विनती हमार

Song: Chhathi Maiya

Sung, Composed & Arranged by: Vishal Mishra

Lyricist: Kaushal Kishore

Choreographer: Chinni Prakash

Music Assistants: Kumar Gaurav Singh, Trihangku Lahkar, Bitupon Boruah & Bidyut Jyoti Mohan

Cast: Sidharth Malhotra & Tamannaah

Produced by: Vishal Mishra & Kandarpa Kalita

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।