चरणों में रखना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चरणों में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

चरणो में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥

गहरी नदियाँ नाँव पुरानी,

हाथो से पतवार छुट गयी,

संगी साथी मोड़ गए मुंह,

माथे लिखी लकीर रूठ गयी,

तु ही खिवैया,

तू ही किनारा है माँ,

एक तुझे हर घडी ही पुकारा है माँ

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥

बन के सवाली ये जग सारा,

पाता है तुझसे नजराने,

मै क्या बोलू मुझ से ज्यादा,

मेरे मन की माँ तू जाने,

भूल क्या हुई जो यूँ बिसारा है माँ

एक तुझे हर घडी ही पुकारा है माँ

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥

भरे हुए भंडार माँ तेरे,

मेरी खाली झोली तरसे,

ताने देगी दुनिया सारी,

‘लख्खा’ लौट गया जो दर से,

कवला सरल इतना हारा है माँ,

एक तुझे हर घडी ही पुकारा है माँ

चरणो में रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥

चरणों में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

चरणो में रखना,

मैया जी मुझे चरणों में रखना,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

अब तो सहारा बस तुम्हारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

इक तुझे ही हर घडी ही पुकारा है माँ,

चरणों मे रखना,

मैय्या जी मुझे चरणों में रखना ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।