चरण में रखना, शरण में रखना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चरण में रखना,

शरण में रखना,

सदा ही अपनी,

लगन में रखना,

आँखे जो मुंदु,

हो तेरे दर्शन,

सदा ही ऐसे,

भजन में रखना ॥

सुख के उजाले,

दुःख के अँधेरे,

जो भी हो हरदम,

मगन में रखना,

मेरी चमक और,

दमक को दाता,

सदा ही ऐसे,

बनाए रखना ॥

साँसों की माला,

सिमरण के मोती,

भटके नहीं मन,

जपन में रखना,

कृपा तुम्हारी,

बहार जैसी,

जीवन को मेरे,

महकाए रखना ॥

तुम्हे पुकारूँ,

आहों में अपनी,

भजन की राहों में,

लगाए रखना,

मैंने तो अपना,

तुम्हे ही माना,

सदा ही अपना,

बनाए रखना ॥

तेरी कृपा का,

हो हाथ मुझ पर,

रखूं भरोसा,

दिन रात तुझ पर,

हर एक बंधन,

से मुक्त हो लूँ,

भक्ति के ऐसे,

बंधन में रखना ॥

SantoKiVani Lyrics

चरण में रखना,

शरण में रखना,

सदा ही अपनी,

लगन में रखना,

आँखे जो मुंदु,

हो तेरे दर्शन,

सदा ही ऐसे,

॥ दोहा ॥

भजन में रखना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।