चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बाबा का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तो,

वहां बैठे अंजनी लाल,

करते इक पल में कमाल,

अब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूं,

भक्तों के मन को भा गया,

चलो सालासर भक्तों,

हनुमत का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥

वहां बजते ढोल नगाड़े,

नाचे हैं भक्त प्यारे,

हैं रंग गुलाल उड़ाएं,

मस्ती में झूमे जाएँ,

भक्तों को खूब नचा गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥

कोई पैदल चलके जाए,

हाथों में ध्वजा उठाये,

बाबा को खूब रिझायें,

जयकारे खूब लगाएं,

बाबा पल में ख़ुशी दिखा गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥

‘मोना प्रिंस’ भी दर पे जाएँ,

चरणों में शीश झुकाएं,

हैं सवामणि लगवाएं,

है दर पे ज्योत जगाएं,

संकट को दूर भगा गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

चलो सालासर भक्तों ॥

बाबा का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तो,

वहां बैठे अंजनी लाल,

करते इक पल में कमाल,

अब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूं,

भक्तों के मन को भा गया,

चलो सालासर भक्तों,

हनुमत का बुलावा आ गया,

चलो सालासर भक्तों,

बाबा का बुलावां आ गया,

॥ दोहा ॥

चलो सालासर भक्तों ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।