खाटू नगरी स्वर्ग सम, सांवरिया सरकार।
चलो बुलावा आ गया, दर्शन करें इस बार॥
चलो खाटू चले रे सांवरिया के धाम, जहाँ गूँज रहा है श्याम नाम।
चलो खाटू चले रे सांवरिया के धाम॥
रींगस में पावन तोरण द्वार, जहाँ से शुरू हुआ ये प्यार।
हाथों में लाल निशान उठा के, श्याम प्रेम का रंग सजा के॥
नाचते गाते चले भक्तजन, पावन हो गया सबका तन-मन॥
चलो खाटू चले रे सांवरिया के धाम॥
खाटू में सज गया दरबार, बैठ गया लीले का असवार।
इत्र गुलाल और चन्दन केसर, महक रहा है सारा मंदिर॥
दर्शन करके कटेंगे पाप, मिट जाएगा सारा संताप॥
चलो खाटू चले रे सांवरिया के धाम॥
संजय मित्तल संग चले टोली, सबने श्याम की बोली बोली।
जय श्री श्याम जय श्री श्याम, बोलो सब मिल आठों याम॥
चलो खाटू चले रे सांवरिया के धाम, जहाँ गूँज रहा है श्याम नाम॥
खाटू तीर्थ परम भलो, सब तीरथ सिरमौर।
संजय मित्तल शीश धरे, जय जय खाटू ठौर॥