बुलावा जब सांवरिया भेजे, चले भक्त मस्तान।
निशान सजाए हाथ में, पावे पद कल्यान॥
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है।
मेरे बाबा ने मुझको, अपने दरबार बुलाया है॥
चलो बुलावा आया है॥
रींगस से पैदल चल के, खाटू धाम को जाएँगे।
हाथों में निशान उठा के, जय जयकार लगाएंगे॥
अबीर गुलाल उड़ाएंगे, सांवरिया ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है॥
जिसको बाबा बुलाते हैं, वही खाटू को जाता है।
दर पे जाके शीश झुका के, मनवांछित फल पाता है॥
लाखों भक्तों की टोली में, मेरा नाम भी आया है।
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है॥
कन्हैया मित्तल गाए भजन, खाटू के सांवरिया का।
दर्शन करके धन्य हुआ, मेरे जीवन की बगिया का॥
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है॥
खाटू नगरी स्वर्ग सम, लखदाता का धाम।
कन्हैया मित्तल शीश धरे, जय जय श्री श्याम॥