चलो बुलावा आया है खाटू से बुलावा आया है

कन्हैया मित्तल
अन्य भजन भजन कन्हैया मित्तल
॥ दोहा ॥

बुलावा जब सांवरिया भेजे, चले भक्त मस्तान।
निशान सजाए हाथ में, पावे पद कल्यान॥

॥ चौपाई ॥

चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है।
मेरे बाबा ने मुझको, अपने दरबार बुलाया है॥
चलो बुलावा आया है॥

रींगस से पैदल चल के, खाटू धाम को जाएँगे।
हाथों में निशान उठा के, जय जयकार लगाएंगे॥
अबीर गुलाल उड़ाएंगे, सांवरिया ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है॥

जिसको बाबा बुलाते हैं, वही खाटू को जाता है।
दर पे जाके शीश झुका के, मनवांछित फल पाता है॥
लाखों भक्तों की टोली में, मेरा नाम भी आया है।
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है॥

कन्हैया मित्तल गाए भजन, खाटू के सांवरिया का।
दर्शन करके धन्य हुआ, मेरे जीवन की बगिया का॥
चलो बुलावा आया है, खाटू से बुलावा आया है॥

॥ दोहा ॥

खाटू नगरी स्वर्ग सम, लखदाता का धाम।
कन्हैया मित्तल शीश धरे, जय जय श्री श्याम॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

बाबा श्याम के बुलावे पर खाटू धाम की यात्रा, निशान यात्रा और दरबार में हाजिरी लगाने के परम आनंद का यह सुमधुर भजन है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।