चढ़ा ले लोटा जल भर के

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चढ़ा ले लोटा जल भर के,

तेरा कल्याण हो जाए,

कंटीली राह जीवन की,

तेरी आसान हो जाए,

चढ़ा ले लोटा जल भरके,

तेरा कल्याण हो जाए ॥

बड़े भोले मेरे भगवन,

ना दूजा आपसा दानी,

बिना सोचे ही दे देते,

ना दूजा आपका सानी,

शरण में आ भी जा पुरे,

तेरे अरमान हो जाए,

चढ़ा ले लोटा जल भरके,

तेरा कल्याण हो जाए ॥

बना सोने या चांदी का,

भले जलपात्र ना तेरा,

अगर श्रद्धा से हो लबलब,

चढ़े क्षण मात्र में तेरा,

तेरे दुखड़े मिटाने का,

भगत फरमान हो जाए,

चढ़ा ले लोटा जल भरके,

तेरा कल्याण हो जाए ॥

बड़ा प्यारा है जल इनको,

हमेशा शीश पर धारे,

तू भरके भाव की गगरी,

भगत चौखट पे आजा रे,

हमेशा ‘हर्ष’ खुशियों के,

तेरे दिन मान हो जाए,

चढ़ा ले लोटा जल भरके,

तेरा कल्याण हो जाए ॥

चढ़ा ले लोटा जल भर के,

तेरा कल्याण हो जाए,

कंटीली राह जीवन की,

तेरी आसान हो जाए,

चढ़ा ले लोटा जल भरके,

॥ दोहा ॥

तेरा कल्याण हो जाए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।