बोलो सदा जयकार, पवनसुत महाबली की

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बोलो सदा जयकार,

पवनसुत महाबली की ॥

केसरी नंदन बलधारी की,

मारुति नंदन उपकारी की,

केसरी नंदन बलधारी की,

मारुति नंदन उपकारी की,

आओ करो सेवा आज,

पवनसुत महाबली की,

बोलों सदा जयकार,

पवनसुत महाबली की ॥

अपने कपीस को मन में बसा के,

निश करो पूजन दर पे आके,

अपने कपीस को मन में बसा के,

निश करो पूजन दर पे आके,

आओ शरण सुबह शाम,

पवनसुत महाबली की,

बोलों सदा जयकार,

पवनसुत महाबली की ॥

संकट मोचन नाम जो ध्यावे,

संकट उसके पास ना आवे,

संकट मोचन नाम जो ध्यावे,

संकट उसके पास ना आवे,

महिमा गाए दिन रात,

पवनसुत महाबली की,

बोलों सदा जयकार,

पवनसुत महाबली की,

बोलों सदा जयकार,

पवनसुत महाबली की॥

बोलो सदा जयकार,

॥ दोहा ॥

पवनसुत महाबली की ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।