बोल कन्हैया बोल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ दोहा ॥

॥ दोहा ॥

॥ चौपाई ॥

वा रे लाला नन्द का,

तूने जनम चराई ढोर,

प्रीत कदे जाणी नहीं,

तूने खायो माखन चोर ॥

बोल कन्हैया बोल

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो,

ना रे ना मे तो ,

गोकुल में जन्मियो,

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो,

बोल कन्हैया बोल ॥

थारा पिता वासुदेव जी,

ना रे ना म्हारा ,

पिता नंदबाबा।

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो ॥

बोल कन्हैया बोल ,

थारी माता है देवकी,

ना रे ना म्हारी ,

माता है यशोदा ॥

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो,

बोल कन्हैया बोल ,

थाने दही प्यारो लागे ॥

ना रे ना म्हाने ,

माखन प्यारो लागे,

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो ॥

बोल कन्हैया बोल ,

थाने राधा प्यारी लागे,

ना रे ना म्हाने ,

गोपिया प्यारी लागे ॥

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो ॥

बोल कन्हैया बोल ,

थाने भक्त प्यारा लागे,

हां रे हां म्हाने ,

भक्त प्यारा लागे ॥

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

जेल में जन्मियो,

ना रे ना मे तो ,

गोकुल में जन्मियो,

बोल कन्हैया बोल तु तो ,

॥ दोहा ॥

जेल में जन्मियो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।