बिल्वमंगल जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Swami Bilvamangal Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | ठाकुर बिल्वमंगल जी

अन्य नाम - विल्वमंगलम स्वामी, विलवमंगलम स्वामीयार, लीलाशुक, ठाकुर बिल्वमंगल

आराध्या - भगवान श्रीकृष्ण

जन्म - 8वीं शताब्दी

जन्म स्थान - गुलबर्गा ज़िला, आन्ध्र प्रदेश

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

पिता - रामदास जी

प्रसिद्ध ग्रंथ / रचनाएँ - श्रीकृष्णकर्णामृतम्

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

आराध्या - भगवान श्रीकृष्ण | जन्म - 8वीं शताब्दी | जन्म स्थान - गुलबर्गा ज़िला, आन्ध्र प्रदेश | वैवाहिक स्थिति - विवाहित | पिता - रामदास जी Aaradhya - Lord Krishna | Birth - 8th Century | Place of Birth - Gulbarga district, Andhra Pradesh | Marital Status: Married | Father - Ramdas ji

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।