भोले तेरी लीला अनोखी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी लीला अनोखी,

शंकर तेरी लीला अनोखी,

है गजब का गोला,

शिव बम बम बम बम भोला,

शिव बम बम बम बम भोला ॥

डम डम डम डम डमरू बाजे,

डम डम डम डम डमरू बाजे,

काले नाग तेरे सिर पर नाचे,

काले नाग तेरे सिर पर नाचे,

तन पे भस्म लगाने वाले,

लिये हाथ में झोला,

शिव बम बम बम बम भोला,

शिव बम बम बम बम भोला ॥

शिव की जटा सावन की घटा है,

शिव की जटा सावन की घटा है,

ललाट ऊपर चंद्र छटा है,

भोले ललाट ऊपर चंद्र छटा है,

गंगा सिर पे झिरमिर बहती,

लीऐ भांग का गोला,

शिव बम बम बम बम भोला,

शिव बम बम बम बम भोला ॥

कैलाश ऊपर रहने वाले,

कैलाश ऊपर रहने वाले,

भक्तों के दुःख हरने वाले,

भक्तों के दुःख हरने वाले,

कामदेव को भस्म किया,

और तीसरा नेत्र खोला,

शिव बम बम बम बम भोला,

शिव बम बम बम बम भोला ॥

दया करो दीनों के दाता,

दया करो दीनों के दाता,

तुम हो पिता तुम्ही हो माता,

तुम हो पिता तुम्ही हो माता,

हमने तो अब पहन लिया है,

भोले तेरे नाम का चोला,

शिव बम बम बम बम भोला,

शिव बम बम बम बम भोला ॥

भोले तेरी लीला अनोखी,

शंकर तेरी लीला अनोखी,

है गजब का गोला,

शिव बम बम बम बम भोला,

॥ दोहा ॥

शिव बम बम बम बम भोला ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।