भोले तेरे चरणों की

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरे चरणों की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ मेरी,

तकदीर बदल जाए,

बाबा तेरे चरणों की,

गर धूल जो मिल जाए ॥

सुनता हूँ तेरी रहमत,

दिन रात बरसती है,

एक बूँद जो मिल जाए,

मन की कलि खिल जाए,

भोले तेरे चरणो की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ मेरी,

तकदीर बदल जाए ॥

ये मन बड़ा चंचल है,

कैसे तेरा भजन करूँ,

जितना इसे समझाऊं,

उतना ही मचल जाए,

भोले तेरे चरणो की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ मेरी,

तकदीर बदल जाए ॥

नजरों से गिराना ना,

चाहे लाख सजा देना,

नजरो से जो गिर जाए,

मुश्किल है संभल पाए,

भोले तेरे चरणो की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ मेरी,

तकदीर बदल जाए ॥

भोले इस जीवन में,

बस एक तमन्ना है,

तुम सामने हो मेरे,

मेरा दम ही निकल जाए,

राधे तेरे चरणों की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ मेरी,

तकदीर बदल जाए ॥

भोले तेरे चरणों की,

गर धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ मेरी,

तकदीर बदल जाए,

बाबा तेरे चरणों की,

॥ दोहा ॥

गर धूल जो मिल जाए ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।