भोले शंकर मैं तुम्हारा, लगता नहीं कोई

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोले शंकर मैं तुम्हारा,

लगता नहीं कोई,

पर जितना किया तुमने,

करता नहीं कोई,

भोले शंकर मै तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

जब जब भी दिल ये मेरा,

उदास होता है,

तू मेरे पास खड़ा,

अहसास होता है,

ढूंढा तेरे जैसा भोले,

मिलता नहीं कोई,

भोले शंकर मै तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

कोई भी मुसीबत को,

ना पास भटकने दे,

बेटे की अँखियों से,

ना आंसू टपकने दे,

जज्बा तेरे जैसा बाबा,

रखता नहीं कोई,

भोले शंकर मै तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

जब जब भी पुकारूँ मैं,

जब भी फरियाद करूँ,

मुझे ऐसा लगता है,

तुमको नाराज करूँ,

वो गलती करता हूँ जो,

करता नहीं कोई,

भोले शंकर मै तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

‘बनवारी’ प्यार मेरा,

पहचानता नहीं,

मेरी गोद में बैठा है,

तू जानता नहीं,

गोदी में किसी को यूँ ही,

रखता नहीं कोई,

ये मत कहना तू मेरा,

लगता नहीं कोई,

भोले शंकर मै तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

भोले शंकर मैं तुम्हारा,

लगता नहीं कोई,

पर जितना किया तुमने,

करता नहीं कोई,

भोले शंकर मै तुम्हारा,

॥ दोहा ॥

लगता नहीं कोई ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।