भोले की किरपा से हमरे, ठाठ निराले है

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोले की किरपा से हमरे,

ठाठ निराले है,

हम बाबा वाले है,

सुनो जी हम बाबा वाले है ॥

भोले के चलते भक्तों,

पहचान बनी है हमारी,

भोले का हाथ है सर पे,

जाने ये दुनिया सारी,

सेवा मिली हमें भोले जी की,

किस्मत वाले है,

हम बाबा वाले है,

सुनो जी हम बाबा वाले है ॥

भजनों को तेरे गा कर,

मैं तो मस्ती में रहता,

रस्ते में जो भी मिलता,

हर हर बम बम ही कहता,

कदम कदम पर बन जाते,

भोले रखवाले है,

हम बाबा वाले है,

सुनो जी हम बाबा वाले है ॥

भोले ने जो भी दिया है,

उसे व्यर्थ ना यूँ ही गंवाओ,

भोले की भक्ति करके,

थोड़ा सा कर्ज चुकाओ,

‘श्याम’ का सारा जीवन,

भोले तेरे हवाले है,

हम बाबा वाले है,

सुनो जी हम बाबा वाले है ॥

भोले की किरपा से हमरे,

ठाठ निराले है,

हम बाबा वाले है,

॥ दोहा ॥

सुनो जी हम बाबा वाले है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।