भोले डमरु बजा दो एक बार: शिव भजन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

कीर्तन में हरी कीर्तन में ॥

शीश भोले के जटा विराजे,

भोले गंगा बहा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

संग भोले के गोरा विराजे,

ओ भोले गणपति बुला दो आज हमारे हरी कीर्तन में,

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

कान भोले के कुंडल सोहे,

भोले चंदा चमका दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

गले भोले के सर्पो की माला,

भोले फुल बरसादो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

अंग भोले के मृगछाला सोहे,

भोले भस्मी उड़ा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

चरणों में भोले के नंदी विराजे,

भोले घुघरू बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

SantoKiVani Lyrics

ब्रह्मा को ले लाओ विष्णु को ले लाओ,

भोले दर्श दिखा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में,

॥ दोहा ॥

हो भोले डमरु बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।