भोले बाबा तेरे दरबार में जो आते हैं

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ दोहा ॥

भोले बाबा तेरे दरबार में जो आते है ॥

॥ चौपाई ॥

दोहा – तेरा ही नाम सुनकर बाबा,

आया हूँ दूर से,

झोली मेरी को भर दो बाबा,

अपने ही नूर से ॥

जहाँ जिक्र भोलेनाथ होता है,

मेरा बाबा उनके करीब होता है,

तेरी चौखट से मांगने वाला,

कौन कहता है गरीब होता है ॥

भोले बाबा तेरे दरबार में जो आते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है ॥

हम तो चले आए है,

दिल में बड़े अरमान लिए,

छोड़ेंगे दर ना तेरा,

दिल में अपने ठान लिए,

तेरे दरबार में,,,

तेरे दरबार में जो आके सर झुकाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है ॥

तेरे चरणों में बाबा,

थोड़ी जगह मिल जाए,

मेरे पतझड़ सी जिंदगी में,

फूल खिल जाए,

तेरी महिमा का गीत,,,

तेरी महिमा का गीत भक्त सारे गाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है ॥

तू ही निर्बल का बल,

और बेबस का साथ है तू,

सारी दुनिया के,

नाथों का नाथ है तू,

तेरे चरणों की धूल,,,

तेरे चरणों की धूल जो भी सर लगाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है ॥

भोले बाबा तेरे दरबार में जो आते हैं,

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है,

॥ दोहा ॥

झोलियां भरते है खाली नहीं वो जाते है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।