भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा

कभी न फिर जाऊँगा

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी,

जाएं कहाँ यह दर छोड़ के, हाँ छोड़के ।

तेरे ही संग बँधी भक्तों ने डोरी,

सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़के ॥

शेरावालिये नी माता ज्योता वालिए

भवना वालिए नी माता लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

फूलों में तेरी ही खुशबु है मैया,

चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी ।

तेरे ही नूर से है नैनो की ज्योतियाँ,

सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी ॥

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा

कभी न फिर जाऊँगा

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।