भवानी मैया शारदा भजो रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भवानी मैया शारदा भजो रे,

शारदा भजो रे,

भर जेहे सकल भण्डार रे,

भवानी मैया हो ॥

रुठ के बैठी शारदा भुवन में,

शारदा भुवन में,

लंबे लंबे बिखराये अपने केश रे,

रुठ के बैठी हो ॥

रक्तवर्ण के फुलवा माँ मंगावे,

फुलवा मां मंगावे रे,

लंगुरवा पठावे हिंगलाज रे,

रक्तवर्ण के हो ॥

जाओ जाओ बारे रे लंगुरवा,

बारे रे लंगुरवा लाओ फुलवा,

पंखुडिएं जिनमें पाँच रे,

के जाओ लंगुरवा हो ॥

हिंगलाज में बैठी भवानी मैया,

बैठी भवानी मैया,

बिंदिया चमके चमक गुलज़ार रे,

अरे हिंगलाज में हो ॥

भवानी मैया शारदा भजो रे,

शारदा भजो रे,

भर जेहे सकल भण्डार रे,

॥ दोहा ॥

भवानी मैया हो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।