भावयामि गोपालबालं

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र Mantra Shri Krishna Mantra
॥ पावन पाठ ॥

भावयामि गोपालबालं मन-

स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥

भावयामि गोपालबालं मन-

स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥

कटि घटित मेखला खचितमणि घण्टिका-

पटल निनदेन विभ्राजमानम् ।

कुटिल पद घटित सङ्कुल शिञ्जितेनतं

चटुल नटना समुज्ज्वल विलासम् ॥

भावयामि गोपालबालं मन-

स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥

निरतकर कलित नवनीतं ब्रह्मादि

सुर निकर भावना शोभित पदम् ।

तिरुवेङ्कटाचल स्थितम् अनुपमं हरिं

परम पुरुषं गोपालबालम् ॥

भावयामि गोपालबालं मन-

स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥

भावयामि गोपालबालं मन-

स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥

भावयामि गोपालबालं मन-

॥ दोहा ॥

स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।