भरदे रे श्याम झोली भरदे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भरदे रे श्याम झोली भरदे,

भरदे, ना बहला ओ बातों में,

ना बहला ओ, बातों में ॥

नादान है अनजान हैं,

श्याम तू ही मेरा भगवान है,

तुझे चाहूं तुझे पाऊं,

मेरे दिल का यही अरमान है,

पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले,

सब लिखा है आंखों में,

​भरदे रे श्याम झोली भरदे ॥

दिन बीते बीती रातें,

अपनी कितनी हुई रे मुलाकातें,

तुझे जाना पहचाना,

तेरे झूठे हुए रे सारे वादे,

भूले रे श्याम तुम तो भूले,

क्या रखा है बातों में,

​भर दे रे श्याम झोली भरदे ॥

मेरी नैया ओ कन्हैया,

पार करदे तू बनके खिवैया,

मैं तो हारा, गम का मारा,

आजा आजा ओ बंशी के बजैया,

लेले रे श्याम अब तो लेले,

लेले, मेरा हाथ हाथों में,

​भर दे रे श्याम झोली भरदे ॥

मैं हूं तेरा तू है मेरा,

मैंने डाला तेरे दर पे डेरा,

मुझे आस है विश्वास है,

श्याम भर देगा दामन तु मेरा,

झूमें रे श्याम ‘नन्दू’ झूमें,

झूमें, तेरी बांहों में,

भर दे रे श्याम झोली भरदे ॥

​भरदे रे श्याम झोली भरदे,

भरदे, ना बहला ओ बातों में,

॥ दोहा ॥

ना बहला ओ, बातों में ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।