भर दों झोली मेरी गणराजा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भर दो झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मैं ना जाऊंगा खाली,

मैया गोरी के लाला गजानन,

तुमको सुमिरे भगत यह तुम्हारा,

जब तलक तू बना देना बिगड़ी,

दर से तेरे ना जाए सवाली।

भर दों झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली,

भर दो झोली गणेशा,

भर दो झोली गणराजा,

भर दो झोली हम सब की,

भर दों झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

सारी दुनिया से आया हूं हारा,

है गणेशा अब तू है सहारा,

जाने क्या भूल मुझसे हुई है,

देवा तूने मुझे है बिसारा,

आया हूं छोटी सी आस को लेकर,

शरण बिठाले तू तो आसरा देके,

करदे रहम बाबा मुझपे भी जरासी,

करदे करदे रहम गणराजा,

तेरी महिमा सभी से निराली,

भर दों झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

जानता है ना तू क्या है दिल में मेरे,

बिन सुने गिन रहा है ना तू धड़कने,

आह निकली है तो चांद तक जाएगी,

तेरे तारों से मेरी दुआ आएगी,

कल नहीं आई तो फिर कभी आएगी,

जब तलक तू सुनेगा ना दिल की,

दर से तेरे ना जाए सवाली,

भर दों झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

अब तो सुन ले मेरी हो गणराजा,

आ लगा ले तू मुझको भी दिल से,

जब तलक तू मिला दे ना बिछड़ी,

दर से तेरे न जाए सवाली,

भर दों झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

भर दो झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मैं ना जाऊंगा खाली,

मैया गोरी के लाला गजानन,

तुमको सुमिरे भगत यह तुम्हारा,

जब तलक तू बना देना बिगड़ी,

दर से तेरे ना जाए सवाली।

भर दों झोली मेरी गणराजा,

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली,

भर दो झोली गणेशा,

भर दो झोली गणराजा,

भर दो झोली हम सब की,

भर दों झोली मेरी गणराजा,

॥ दोहा ॥

लौटकर मै ना जाऊंगा खाली ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: भर दों झोली मेरी गणराजा | Bhajan: Bhar Do Jholi Meri Ganraja Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।