भक्त तेरे बुलाये हनुमान रे

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भक्त तेरे बुलाये हनुमान रे,

तुझे आज रे,

ओ मेरे बाला बलवान रे,

भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे,

तुझे आज रे ओ मेरे बाला ॥

अटके हुए तू सारे कारज बनावे,

कारज बनावे,

पल में नैया पार लगावे,

पार लगावे,

मारुती नंदन हे दुखभंजन,

कर दो भव से पार रे,

भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे,

तुझे आज रे ओ मेरे बाला ॥

माँ अंजनी के तुम हो दुलारे,

तुम हो दुलारे,

सियाराम को भी लगते हो प्यारे,

लगते हो प्यारे,

भक्तों के ही बस में आते,

महावीर हनुमान रे,

भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे,

तुझे आज रे ओ मेरे बाला ॥

इन नैनो की प्यास बुझा दो,

प्यास बुझा दो,

सोए हुए मेरे भाग्य जगा दो,

भाग्य जगा दो,

जो भी तेरी शरण में आए,

कर दे मालामाल रे,

भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे,

तुझे आज रे ओ मेरे बाला ॥

तेरी महिमा सब जग गावे,

सब जग गावे,

शोभा तेरी वर्णी ना जावे,

वर्णी ना जावे,

भक्ति जगाकर ‘अमन’ के दिल में,

देना राम मिलाय रे,

भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे,

तुझे आज रे ओ मेरे बाला ॥

भक्त तेरे बुलाये हनुमान रे,

तुझे आज रे,

ओ मेरे बाला बलवान रे,

भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे,

॥ दोहा ॥

तुझे आज रे ओ मेरे बाला ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।