भजन बिना चैन ना आये राम

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Arya Samaj Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बैठ के तु पिंजरे में,

पंछी काहे को मुसकाय,

हम सब है इस जग में कैदी,

तु ये समझ ना पाय ॥

भजन बिना चैन ना आये राम,

कोई ना जाने कब हो जाये,

इस जीवन की शाम ॥

बोलो राम राम राम ॥

मोह-माया की आस तो पगले,

होगी कभी ना पूरी,

करते-करते भजन प्रभु का,

मिट जायेगी दूरी,

हम दूरी के साथ-साथ लो,

सब ही प्रभु का नाम,

भजन बिना चैन ना आये राम ॥

बोलो राम राम राम ॥

बोलो राम राम राम ॥

भजन है अमृत रस का प्याला,

शाम सवेरे पीना,

इसको पीकर सारा जीवन,

मस्ती में तू जीना

भक्ति कर तो बन जायेंगे,

अपने बिगड़े काम,

भजन बिना चैन ना आये राम ॥

बोलो राम राम राम ॥

बोलो राम राम राम ॥

भजन बिना चैन ना आये राम,

कोई ना जाने कब हो जाये,

इस जीवन की शाम ॥

बोलो राम राम राम ॥

बोलो राम राम राम ॥

Movie: Rafoo Chakkar 1975

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।