भैरवी वंदना

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Maa Durga Mantra
॥ पावन पाठ ॥

शिवा दुति स्वरूपेण हत दैत्य महाबले,

घोरा रुपे महा रावे भैरवी नमोस्तुते ।

लक्ष्मी लज्जे महा विद्ये श्रद्धे पुष्टि स्वधे ध्रुवे,

महा रात्रि महा विद्ये भैरवी नमोस्तुते ।

मेधे विद्या वरे भूति बभ्रवी महा काली,

नियति तवं प्रसि देशे भैरवी नमोस्तुते ।

सर्व स्वरूपे सर्व शक्ति समन्विते,

भये भ्या स्त्राही नो भैरवी नमोस्तुते ।

संतो की वाणी वंदना

एतते मुखम सौम्यं नयना त्रया भूषितं,

पातु नाह भीति भ्यः भैरवी नमोस्तुते ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।