भगवान तुम्हारे चरणों में, मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भगवान तुम्हारे चरणों में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ,

वाणी मैं तनिक मिठास नही,

पर विनय सुनाने आया हूँ ॥

प्रभु का चरणामृत लेने को,

है पास मेरे कोई पात्र नही,

आँखो के दोनो प्यालो मैं,

कुछ भीख माँगने आया हूँ,

भगवान तुम्हारे चरणो में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥

तुमसे लेकर क्या भेंट धरू,

भगवान आप के चरणों में,

मैं भिक्षुक हूँ तुम दाता हो,

सम्बन्ध बताने आया हूँ,

भगवान तुम्हारे चरणो में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥

सेवा को कोई वस्तु नही,

फिर भी मेरा साहस देखो,

रो रो कर आज आँसुओ का,

मैं हार चढ़ाने आया हूँ,

भगवान तुम्हारे चरणो में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ ॥

भगवान तुम्हारे चरणों में,

मैं तुम्हे रिझाने आया हूँ,

वाणी मैं तनिक मिठास नही,

॥ दोहा ॥

पर विनय सुनाने आया हूँ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।