भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र

पारंपरिक
विष्णु भगवान मंत्र Mantra Bhagwan Narasimha Mantra
॥ पावन पाठ ॥

नृसिंह गायत्री मन्त्र, भगवान नृसिंह के सर्वाधिक लोकप्रिय मन्त्रों में से एक है। देव पूजन में, अधिकांश देवी-देवताओं की स्तुति उनके अपने गायत्री मन्त्र से की जाती है। भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र, जो सर्वाधिक लोकप्रिय मूल गायत्री मन्त्र का ही एक रूप है।

॥ भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र ॥

ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि।

तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्॥

मन्त्र अर्थ

हम उन नृसिंह भगवान का ध्यान करते हैं, जिनके वज्र के समान कठोर नख हैं तथा अत्यन्त तीक्ष्ण दाँत हैं। वे भगवान नरसिंह हमारी बुद्धि एवं मन को ज्ञान से प्रकाशित करें तथा हमें सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भगवान नृसिंह गायत्री मन्त्र | Bhagwan Narasimha Gayatri Mantra

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।