भगवन मेरे भगवन

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Bhagwan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भगवन मेरे भगवन,

इस मुसीबत से बचाओ भगवन,

फिर किसी रूप में आओ भगवन,

भगवन मेरे भगवन.....

कितना ढायेगी सितम ये कुदरत,

रोक अब इस पे लगाओ भगवन,

फिर किसी रूप में आओ भगवन,

भगवन मेरे भगवन.....

सबकी आँखों में हैं ग़म के आँसू,

सबके ग़म दूर भगाओ भगवन,

फिर किसी रूप में आओ भगवन,

भगवन मेरे भगवन....

इक तुम्हारे ही सहारे हम हैं,

अब कोई राह दिखाओ भगवन,

फिर किसी रूप में आओ भगवन,

भगवन मेरे भगवन....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।