तुम प्रेम से माँ को मनाओ आज है जगराता

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जगराता आज है जगराता,

सब मिल कर मंगल गाओ आज है जगराता,

तुम प्रेम से माँ को मनाओ आज है जगराता,

जगराते में देखो गणपति आये है,

संग वो अपने रिद्धि सीधी को लाये है,

जिन्हे देख के मन मेरा है हरषाता,

तुम प्रेम से माँ को मनाओ आज है जगराता,

जगराते में देखो मोहन आये है,

संग में अपने वो राधा को भी लाये है,

रूप मोहना इनका सबको है भाता,

तुम प्रेम से माँ को मनाओ आज है जगराता,

जगराते में ब्रह्मा विष्णु आये है,

संग अपने शिव शंकर को भी लाये है,

इनके चरणों का यश देखो जग गाता,

तुम प्रेम से माँ को मनाओ ........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।