मेरी गोरा जी मैया बनेगी दुल्हनिया

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी गोरा जी मैया बनेगी दुल्हनिया,

सज के आएंगे भोले बाबा,

भैरव बाबा बजाएगा बाजा...॥

सोलह सिंगार मेरी मैया जी करेंगी,

टीका लगेगा और हल्दी चढ़ेगी,

मैया के होठों पर झूले की नथुनिया,

और झूमेंगे भोले बाबा,

भैरव बाबा बजाएगा बाजा...

बन के बाराती मेरे ब्रह्मा विष्णु आएंगे,

नारद मुनि आए और ऋषि मुनि आएंगे,

राजा हिमांचल स्वागत करेंगे,

और आरती मैनावती माता,

भैरव बाबा बजाएगा बाजा...

घर से चलेगी मैया डोली में बैठेगी,

धरती पे मैया रानी पाँव न धरेगी,

पलकों वाली पालकी में मैया को बिठाके,

ले जाएंगे भोले बाबा,

भैरव बाबा बजाएगा बाजा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।