समझ के सूरज को फल जिसने

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

समझ के सूरज को फल जिसने पल में ग्रास बनाया,

दर विकराल रूप इक पल में खाख में लंका को मिलाया,

मात अंजना का जो लाडला पूत पवन कहलाया,

जिस की ताकत की नहीं उपमा पर्वत जिस ने उठाया,

लाये सजीवन लक्ष्मण जी को जिस ने जीवन नया दिलाया,

समझ के सूरज को फल जिसने पल में ग्रास बनाया,

मन का मनका माला करदी हरी दर्श नहीं पाया.

मात सिया की शंका मिटा दी चीर के सीना दिखया,

राम भक्त न होगा तुम सा ऐसा वर तुम ने है पाया,हनुमत पाया,

समझ के सूरज को फल जिसने पल में ग्रास बनाया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।