जै गणेश जै गणेश

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मैं नादान मैं अनजान करो कल्याण करो कल्याण,

मेरे अंग संग रह के हमेश, जै गणेश जै गणेश, जै गणेश,

लाड़ला मैया पार्वती दा, अंत नहीं तेरी शक्ति,

तू रखदा अखां तेज़, जै गणेश.........

तेरी किरपा सब ते होई, तेरे वरगा होर न कोई,

तू वसदा देश विदेश, जै गणेश.........

देवी देवते देखके दंग ने, ब्रह्मा विष्णु महेश वी संग ने,

सब खड़े ने तेरे पेश, जै गणेश.....

तेरे बिन सब काज़ अधूरे, तू प्रसन्न तां सारे पूरे,

तू कुलपति जगत नरेश, जै गणेश.......

शर्मा देव दियां सुनले अरजां, हो जान पूरियां सारियां गरजां,

जिंदगी चों मूक जे कलेश, जै गणेश....

पंडित देव शर्मा

श्री दुर्गा संकीर्तन मंडल

रानिया सिरसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।