तू हाथ पकड़ ले बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू हाथ पकड़ ले बाबा ये हाथ कभी अब छूटे न,

साथ तेरा न छूटे तू मुझसे रूठे न,

मेरे श्याम ओ मेरे श्याम,

तू हाथ पकड़ ले बाबा ये हाथ कभी अब छूटे न,

जब से देखि तेरी सूरत हो गई हु वावरी मैं,

तेरे रंग में रंग के मोहन होना चाहु सांवली मैं,

तेरी अदा ने तिर्शी निगहा ने बांकी छटा ने पगल मुझे बना दियां

तू हाथ पकड़ ले बाबा ये हाथ कभी अब छूटे न,

मैं क्या बोलू मैं क्या मांगू जो है दिल में तू वो जाने,

आस मेरी कर दे पूरी मेरे कान्हा किसी बहाने,

पर तुझपे मोहन कर दियां अर्पण तन मन ये जीवन,

अपना तुझे बना लिया,

तू हाथ पकड़ ले बाबा ये हाथ कभी अब छूटे न,

तेरी पूजा तेरी भक्ति मेरे जीवन का है ये गहना,

तेरी सेवा नित करू मैं तेरी दासी बन के है रहना,

मेरे आँखों में तू सांसो में बातो में तू है,

तुझसे ये दिल लगा लिया,

तू हाथ पकड़ ले बाबा ये हाथ कभी अब छूटे न,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।