मेरे घर माता की चौकी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर माता की चोंकी भक्तो सारे आना,

सोये जागे भाग तुम्हारे मइयां सब को आप पुकारे,

अपनी झोलियाँ पसारे भक्तो सारे आना,

मेरे घर माता की चोंकी भक्तो सारे आना,

खोये हुये सुखो का खजाना मिल जाएगा,

सब की उमीदो का चमन खिल जायेगा,

रोते हुये गये जब अम्बा माँ ह्साये गी,

सूखे होये पेड़ो पे बहार आ जायेगी,

नैया जीवन की प्यारे छोड़ो उसी के सहारे वो लगाये गी किनारे भक्तो सारे आना,

मेरे घर माता की चोंकी भक्तो सारे आना,

आसार बेअसारे को देने वाली

भगतो की करती सदा रखवाली वो है,

आशा की निराशा में वो ज्योत जलाती है,

पल में फर्कीरो को वो शहंशाह बनाती है,

नाम माँ का जो उचारे आये शरदा से इस द्वारे,

अम्बा सब के काज सवारे भक्तो सारे आना,

मेरे घर माता की चोंकी भक्तो सारे आना,

मिटी में भी चन्दन की महक भर देगी,

अन्ध्यारे घर में उजाला कर देगी,

भावना की डोर से ही उसे बाँध लेना,

निर्दोश माँ से ही माँ से मांग लेना,

मियाँ आ गई घर हमारे देगी तोड़ गगन के तारे,

दाती सब के कष्ट निवारे भक्तो सारे आना,

मेरे घर माता की चोंकी भक्तो सारे आना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।