तेरी कमली हो गयी आ तैनू तरस जरा ना आया

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी कमली हो गयी आ, तैनू तरस जरा ना आया,

तेरे जोगी रह गयी हां, तैनू तरस ज़रा ना आया ।

माफ़ करी श्यामा मैनु, कित्ते जो कसूर वे,

मारदे ने ताने लोकी आवी तू जरूर वे,

वे मैं कल्ली रह गयी हां, तैनू तरस ज़रा ना आया ॥

तेरे जोगी रह गयी हां...

हे बंसीधर हे ब्रज रसिया, हे बांके बिहारी मीत पिया,

हे चपल नयन, गिरिघर नागर, हे कुञ्ज बिहारी मीत पिया ।

हे गोपी जीवन प्राण पति, हे रास बिहारी मीत पिया,

हे चतुर शिरोमणि बनमाली, हे छैल बिहारी मीत पिया ।

हां हां कब नैयन के पथ से तुम प्रेम पथिक बन आओगे,

कब बिना मोल की दासी को हरी चरनन से लिपटाओगे ।

इक्को गल्ल माड़ी जित्थो लगदा ए दर वे,

मुरली बजादे शयामा रूसिया ना कर वे ।

बाकी सब कुछ सह गयी आ, तैनू तरस ज़रा ना आया ॥

तेरे जोगी रह गयी हां...

मैं ता फ़िर गलिआ च हो के शदायी वे,

दस केहड़े जन्मा दी दिल उत्ते लायी वे ।

तेरा की लै गयी आ, तैनू तरस ज़रा ना आया ॥

तेरे जोगी रह गयी हां...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।