मैया जी कुछ देर हो गयी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी कुछ देर हो गयी,

मैं जाऊ जाऊ जाऊ,

मैया जी कुछ देर हो गयी

बोर बई दिन नैना बीते कहा बरस राह निहारु,

कब से तुम्हारी मियाँ मुझको देदो दर्श,

मैया जी मेरी आस खो गई,

मैया जी क्यू देर हो गयी

छुट गये है सारे सहारे मेरी दाती,

ऐसे तन्हा जीयु गी मैं जैसे तेल बिना हो बाती,

मैया जी मैंने आस लगाई,

मैया जी तू क्यों न आई,

मैया जी क्यू देर हो गयी

गम के अँधेरे ने गेरा मुझको राह दिखाओ,

मेरा नही है कोई जहां में मेरी भवानी अब तो आओ,

मैया जी गम जाने न कोई,

मैयां जी पहचाने न कोई,

मैया जी बड़ी देर हो गई,

मैया जी क्यू देर हो गयी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।