ये शहीदों की जय हिंद बोली

पारंपरिक
महादेव भजन देश भक्ति भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ये शहीदों की जय हिंद बोली,

ऐसी वैसी ये बोली नहीं है,

इनके माथे पे खून का है टीका,

देखो देखो ये रोली नहीं है,

ये शहीदों की जय हिंद बोली.........

सर कटाऊं जवानो को लेकर,

चल पड़ें है हमीरा के आगे,

हम है संतान राणा शिवा की , कायरों की ये टोली नहीं है,

ये शहीदों की जय हिंद बोली.......

संघ पर आँख दिखलाने वाले ,

भस्म हो जाएंगे सारे दुश्मन ,

ये भला है कि अब तक हमने , तीसरी आँख नहीं खोले है,

ये शहीदों की जय हिंद बोली......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।